लघु कहानी पढ़ने के तलाश में हो तो आप एकदम सही जगह पर आएं हो। यहां एक लघु कथा 'दबंग महिला' हैं। पढ़िए और आनन्द उठाइएं - बस पुरी तरह से खच्चा-खच्च भरी हुई थी। जितने यात्री सीट पर बैठें थे, उससे कही ज्यादा यात्री पैरों पर खड़े थें। मै भी जैसे-तैसे पैर रखने की जगह बनाकर डंडे के सहारे खड़ा था। इतने में मेरी नजर एक ह्रष्ठ-पुष्ठ महिला पर पड़ी। वह भी मेरे से थोड़ी-सी दुर एक हाथ से डंडा तथा दुसरे हाथ से थैंला पकड़े खड़ी थी। उसके चेहरें पर एक अजीब-सा भाव झलक रहा था, जैसे कोई परेशान हो। प्रथम दृष्टया पहनावा व कद-काठी से पंजाबी लग रही थी। काफी उम्र-दराज होने पर भी गठीले बदन पर हल्का गुलाबी रंग का सलवार-सूट खुब फ़ब रहा था। इतने में पीछे के दरवाजा से भीड़ का रैला आ पड़ा। धक्का-मुक्की से असहज होने पर 'जेब कतरों से सावधान' वालें पोस्टर ने मेरा ध्यान मेरी जेंब की ओर खींचा। बारी-बारी से एक हाथ से दोनों जेंबो को खंगाला। पर्स और मोबाइल को यथास्थिति पर पाकर ऐसा लगा, जैसे मैनें कोई रण जीत लिया हो। मेरा ध्यान फिर उस महिला की तरफ गया। इस बार वह एक नौंजवान से क...
अणदाराम बिश्नोई का ब्लॉग