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गुजरात में केजरीवाल की खांसी अटकी, सभी उम्मीदवारो की जमानत जब्त

अरविन्द केजरीवाल,राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी (आप)
दिल्ली मे भारी बहुमत से बनी आप सरकार ने, मोदी के गढ़ गुजरात में झाड़ू चलाने की कोशिश की। परन्तु हो उल्टा गया जहां झाड़ू को अपना दम दिखाना था,वहां तो आप पार्टी के झाड़ू तिनके ऐसे बिखरे की वापस संभल पाना भी मुश्किल हो रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के उतरे 29 उम्मीदवार चले तो 'कमल' को रौदने थे,लेकिन खुद की सीट बचाना तो दुर की बात ,यहां तक की अपनी जमानत तक  नहीं बचा पायें। सारे के सारे 29 आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारो की गुजरात विधानसभा 2017 चुनाव में जमानत जब्त हो गई और कुल 29 में से 16 उम्मीदवार को 500 से भी कम वोट मिले।

NOTA से भी कम मिले वोट

'आप' के 29 मे से केवल एक उम्मीदवार को छोड़कर, बाकी 28 उम्मीदवारो को NOTA ( उपरोक्त मे से कोई नहीं ) से कम वोट मिले हैं। आप को बता दे की लगभग 75000 लोगो ने NOTA. बटन का उपयोग किया।

बीजेपी को हराना था लक्ष्य

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द क्जरीवाल ने दिल्ली की रामलीला मे सम्बोधन के समय कहा था कि भले हम सीट न जीत सके ।तो कम से कम बीजेपी की सरकार नही बनने देनी है। लेकिन अब तो नतीजो के बाद आप नेता चुप्पी साधे हुवे हैं। सरकार बीजेपी की 99 सीट के साथ बन चुकी है और कांग्रेस को 88 तथा अन्य को 3 सीटे गुजरात में मिली हैं। नतीजे 18. दिसम्बर को घोषित किये गये थे। गुजरात में बीजेपी अब छठी बार सरकार बनाने जा रही हैं।

क्यो हुई 'आप' की यह हालत

वैसे तो गुजरात चुनाव के नतीजो के बाद सभी बड़े आप नेता चुप्पी साधे हुवें। परन्तु आप के एक कार्यकर्ता ने बताया की शुरू मे तो गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई प्लान हीं नहीं था और पार्टी ने काफी समय तो इसी उलझन को लेकर नष्ट कर दिया की चुनाव लड़ना है या नहीं। फिर ऐन मौके पर यह सब निर्णय लिया गया। जिससा कारण अच्छा नेतृत्व नहीं कर पायी और हर सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

राजस्थान समेत कई राज्यो में पैर पसारने की कोशिश

आम आदमी पार्टी यानी आप आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कई राज्यो जैसे राजस्थान इत्यादि में पैर पसारने की कोशिश में लगी हैं। आपको बता दे की 2018 में राजस्थान समेत अन्य 5 राज्यो में विधानसभा चुनाव होने वाला हैं। हालांकि अब खबर यह भी आ रही है कि गुजरात चुनाव में हार के बाद केजरीवाल ने केवल दिल्ली में फोकस करने को कहा हैं। 


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