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वेब सीरीज की 'गन्दगी', 'उड़ता' समाज

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कोरोना काल में सिनेमा घर बंद हैं। सिनेमा घर की जगह अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ने ली हैं। जहां वेब सीरीज की भरमार है। कई फिल्मों भी ओटीटी पर रिलीज हुई हैं। लेकिन कंटेंट पर कोई रोक टोक नहीं हैं। जिसका फायदा ओटीटी प्लेटफॉर्म जमकर उठा रहे हैं। वेब सीरीज के नाम पर गंदी कहानियां परोसी जा रही हैं। जो समाज को किसी और छोर पर धकेल रही हैं। 
हाल ही में ट्राई यानी टेलीफोन रेगुलेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म जो परोस रहे हैं, उसे परोसने दो। सरकार इसमें ताक झांक ना करें। मतलब साफ है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर कोई सेंसरशिप नहीं हैं और ट्राई फ़िलहाल इस पर लगाम कसने के मूड में नहीं हैं। कोरोना काल से पहले भी वेब सीरिज काफी लोकप्रिय थी। लॉकडाउन के दौर में और ज्यादा दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म की तरफ आकर्षित हो गए।ओटीटी प्लेटफॉर्म का बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है। अब तो फिल्में भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही रिलीज हो रही हैं। हाल ही रिलीज हुई आश्रम समेत कई फ़िल्मों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। लेकिन कोई रोक टोक नहीं होने से ओटीटी पर आने वाली वेब सीरीज और फिल्मों का कंटेंट सवालों के घेरे में रहता ह…

पीएम मोदी का लेह जाना जरूरी था, सेना का मनोबल बढ़ा !

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भारत और चीन के बीच तनातनी जारी है। इसी बीच पीएम मोदी का लद्दाख के लेह पहुंचने से हर कोई चौंक गया। पीएम ने छाती ठोक कर कहा कि गलवान घाटी हमारी हैं। दुश्मनों के इरादों को नेस्तनाबूद किया। सेना के जवानों के पराक्रम पर पूरे देश को नाज़ हैं। 
पीएम मोदी के यह शब्द वाकई में सेना के जवानों के लिए किसी एनर्जी बूस्टर से कम नहीं हैं। पीएम मोदी के लेह जाने से चीन को सख्त संदेश गया है। चीन के आका जिनपिंग बाबू को किसी तरह की गलत फहमी नहीं पाले। पीएम मोदी के लेह से जवानों को संबोधन में साफ जाहिर हो गया।
यह सच हैं कि चीन, भारत से कई गुना सैन्य तौर पर शक्तिशाली है। चीन के पास आधुनिक तकनीक से लैस ढेरों हथियार और युद्ध का साजों सामान हैं।  लेकिन भारत भी अब 1962 वाला नहीं रहा है। परिस्थितियां समेत कई चीजें बदली हैं। तभी तो भारत ने बिना किसी देर किए चीन पर डिजिटल स्ट्राइक की और एक झटके में 59 चीनी ऐप को बैन कर दिया।
दूसरा पहलू यह भी है कि गालवान घाटी में 15 जून को हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवानों को शहीद होना पड़ा। वही चीन के करीब 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए। भल…

मोदी द्वारा हौसला अफजाई, Corona से अब रोशनी द्वारा 'लड़ाई'

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इस हफ्ते के रविवार रात 9 बजे, Corona महामारी के कमांडोज का आभार वक्त करने का नया तरीका निकाला गया है। दीपक, टॉर्च जलाकर या रोशनी करके 9 मिनट तक आभार वक्त करना हैं। पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा कि, देशवासियों में जीत का उत्साह होना बेहद जरूरी है। इसी उत्साह के संचार के लिए मोदी ने यह नया ऐलान किया हैं।
कहते हैं, "पंखों से कुछ नहीं होता, उड़ान तो हौसलों से होती है।" यही हौसला और उत्साह देशवासियों में अब Corona से लड़ने के लिए जरूरी हैं। आप को याद होगा, पीएम मोदी के कहने पर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू किया गया। उस दिन देशवासियों में गजब का जोश देखने को मिला।

22 मार्च की शाम को किसी ने ताली बजाई, तो किसी ने थाली। सोशल मीडिया पर कई ऐसे भी वीडियो सामने आए, जिसमे लोग अजीब हरकते करते नजर आए। किसी ने पूरी थाली की ही 'बजा' दी। तो कहीं बारात के रूप भीड़ सड़कों पर दौड़ पड़ी। यह हरकते सभ्य समाज के लिए कतई ठीक नहीं है। उम्मीद करते हैं इस बार देशवासी कोई ऐसी हरकत नहीं करेंगे।

क्योंकि पीएम मोदी इस बार संबोधन में खुद हरकतों को लेकर अलर्ट दिखे। पीएम ने कहा कि, दीपक, टॉर्च जलान…

"21 दिन अगर गंभीरता से नहीं लिए, तो भारत 21 साल पीछे चला जाएगा"

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21 दिन यानी 14 अप्रैल तक पूरा भारत लॉकडॉउन हैं। पीएम मोदी ने 24 मार्च की रात 8 बजे टीवी पर देशवासियों  को संबोधित किया। पीएम ने कहा, आज रात 12 बजे से पूरे देश में lockdown है। lockdown को कर्फ्यू की तरह लेना हैं।


पीएम मोदी ने कहा कि Corona महामारी की रूप ले चुका है। इसे हराने के लिए lockdown को गंभीरता से लेना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर देश में हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। देश 21 साल पीछे चला जाएगा। Lockdown को लेकर घबराना नहीं है। बस एक ही काम करना हैं। सिर्फ घर में रहना है। जरूरी सेवाएं चालू रहेगी।  क्या बंद रहेगा और क्या चालू रहेगा। एक बार नजर डाल लेते हैं।


ये सेवाएं बंद रहेंगी  किसी भी सार्वजनिक परिवहन सेवा को अनुमति नहीं होगी। इसमें निजी बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, रिक्शा, ई-रिक्शा सब बंद रहेंगे। दिल्ली में डीटीसी की 25 प्रतिशत बसें चलेंगी।
सभी दुकानें, बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, फैक्ट्री, वर्कशॉप, ऑफिस, गोदाम, साप्ताहिक बाजार ये सब बंद रहेंगे।
इंटरस्टेट बसें, ट्रेन और मेट्रो सेवाएं निलंबित रहेंगी। सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द रहेंगी।
किसी तरह का निर्माण कार…

कोरोना को ऐसे समझिए, इससे आसान कहीं नहीं मिलेगा, ज़रूर पढ़िेए

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तेज़ रफ्तार से चल रही दुनिया अचानक से थम सी गई है, दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है. लोग डरे हुए हैं सहमे हुए हैं हर कोई सोच रहा है। कोरोना का यह खौफ़ आखिर कब तक दिलों को दहलाता रहेगा. दुनिया के बड़े-बड़े देशों में लोग अपने घरों में ही कैद हो गए हैं. अंतराष्ट्रीय उड़ानें रद हो रही हैं, सरकारें परेशान हैं, कोई इलाज मिलता नहीं दिख रहा है, दिनों-दिन यह वायरस पूरी दुनिया में अपना पैर पसारता दिख रहा है। अब तक लगभग 170 देशों में कोरोना वायरस ने कोहराम बरपा कर दिया है। 11 हज़ार से अधिक लोगों की जान तक ले बैठा है यह वायरस। लेकिन अभी तक किसी को भी इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि यह कब खत्म होगा और इसपर कंट्रोल कब तक पाया जा सकेगा। यह वायरस अभी और कितना दहशत फैलाएगा इसके बारे में कुछ भी ठीक-ठाक नहीं कहा जा सकता है।
आप बेहतर जानते हैं कि कोरोना वायरस ने भारत में भी अपना कहर दिखाना शुरु कर दिया है। लेकिन भारत क्या सच में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए तैयार है। इसपर चर्चा ज़रुर होनी चाहिए. हम यहाँ भारत की कोरोना वायरस से जुड़ी हर तैयारियों की बात करेंगे, क्या खामियां हैं और क्या खूबियां हैं। इसका फैस…

22 मार्च को जनता कर्फ्यू, PM मोदी का ऐलान, घर में रहने की अपील

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पीएम मोदी ने कोरोनावायरस को लेकर देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय बचाव ही हैं। इसलिए हम सबको, अपने आप को स्वस्थ रखना हैं। घर में रहना है।
पीएम ने कहा कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू करना है। यानी जनता का कर्फ्यू, जनता के लिए, जनता के द्वारा। सभी लोग 22 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 9 बजे घरों में रहे। पीएम मोदी ने सभी देश वासियों से यह अपील की हैं। हालांकि जिसको बहुत जरूरी काम है, वो घर से बाहर जा सकते हैं।

खुद बचे, औरों को भी बचाएं पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस को हराना है। इसके लिए हमें जितना हो सके, घर में रहना है। खुद को स्वस्थ रखना हैं। खुद को स्वस्थ रखने के लिए अपने आप को घर में रखे। इससे हम खुद भी स्वस्थ रहेंगे, साथ ही औरों को भी रख पाएंगे।

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि विशेषकर बुजुर्ग घर में रहे। जिसकी उम्र 60-65 साल या इससे ज्यादा हैं, वो घरों में ही रहे।
पत्रकारों, डॉक्टरों और पुलिस का करे धन्यवाद पीएम मोदी ने देशवासियों से पत्रकारों, डॉक्टरों और पुलिस कर्मियों को आभार वक्त करने की बात कही हैं। पीएम ने कहा कि कोरोनावायरस से जूझ रहे लोगों की म…

सिंधिया बीजेपी में, मजबूरी या मजबूती ?

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याद कीजिए वो दिन, जब तत्कालीन कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर बायो को बदला था। तब मध्यप्रदेश की सिसासत में हलचल ला दी थी। ... और 10 मार्च का दिन, जिसने मध्यप्रदेश की सरकार को बदलने के वक्त की दहलीज पर ला दिया। 11 मार्च 2020 को सिंधिया द्वारा बीजेपी में शामिल होने से मध्यप्रदेश की सियासत का रायता, भोपाल से वाया जयपुर होते हुये दिल्ली तक फैल गया

 जहन में बड़ा सवाल है कि, आखिर सिंधिया ने कांग्रेस क्यों छोड़ी। हालांकि सिंधिया ने पत्रकार वार्ता में कमलनाथ सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सिंधिया ने कहा कि अब कांग्रेस में रहकर देशसेवा करना संभव नहीं है। प्रदेश सरकार जिन विजनों के साथ आई थी, उस पर चल नहीं पा रही हैं।

दूसरी तरफ बीजेपी में शामिल होने पर सिंधिया को बीजेपी का राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया है। सूत्रों से खबर आ रही हैं कि केंद्रीय मंत्री पद देने की शर्त पर कांग्रेस छोड़ी है।

'अच्छा होता, पहले चले जाते' राजस्थान सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सिंधिया का बीजेपी शामिल होने को अवसरवादी बता दिया। सीएम गहलोत ने कहा कि अच्छा होता, सरकार बनाने से पहले ही…