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जागो सरकार जागो ! देश का युवा सड़को पर हैं ,

सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नही:एसएससी छात्र
एसएससी की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ 27 फरवरी से प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं का जोश अभी तक निरंतर देखने को मिल रहा है


*सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नही:एसएससी छात्र*
एसएससी की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ 27 फरवरी से प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं का जोश अभी तक निरंतर देखने को मिल रहा है
कल 24 मार्च को विश्व अर्थ आवर दिवस के उपलक्ष्य में मुखर्जी नगर दिल्ली में हजारों छात्र छात्राओं ने प्रकृति को बचाने एवं बिजली बचाने का संदेश दिया जिसके समर्थन में क्षेत्र की आम जनता ने भी छात्रों का साथ दिया और बिजली बचाने के तरीकों पर चर्चा की, साथ ही साथ SSC में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए टॉर्च मार्च निकाला। SSC के छात्रों ने प्रकृति में संतुलन बनाने के साथ-साथ आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया और सरकार को उनकी मांगों को बिना कोई शर्त और पूर्ण तरीके से मानने के लिए अल्टीमेटम दिया जिसमें सभी ने 31 मार्च 2018 युवा हल्लाबोल कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करवाई और दिल्ली चलो का नारा दिया।

सरकार आखिर चुप क्यो ?
28 फरवरी से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे एसएससी पीड़ीत छात्र-छात्राएँ न्याय के लिए मोहताज हैं। न सोने को जगह है न प्यास बुझाने को शुद्ध पानी । पुरा रात दिन एक लोकतांत्रिक ढंग से धरने पर बैठे रहते है । न तो मीडिया वालो आते है, न कोई सरकारी नुमाइदा ! सोचो आखिर यह कब तक चलता रहेगा । इसके लिये सरकारी तंत्र जिम्मेदार नही है तो आखिर कौन है?
तो फिर सरकार की जिम्मेदारी होने पर चुप क्यो हैं ? इसका क्या आशय , क्या यही मतलब की देश के युवाओ को बेवकुफ बनाओ। क्या यही लोकतंत्र है? 
क्या सरकार लोकतंत्र को भूल चुकी है? 
सरकार के वर्तमान रवैय को देखकर यही लगता है। 


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