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गरीब युवाओं से आह्वान: बड़ा करना है तो शिक्षा बड़ा हथियार

भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है, महात्मा गांधी के इस कथन का महत्व तब बढ़ जाता है. जब गांवों से टैलेंट बाहर निकलकर शहर के युवाओं को पछाड़ते हुए नए मुकाम हासिल करते है. ऐसी कहानियां उन लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन जाती, जो पैदा तो भले ही गरीबी में हुए हो. लेकिन हौसलों से आसमान छूना चाहते है. यब बातें सुनने जितनी अच्छी लगती है, करके दिखाने में उतनी ही कठिनाइयों को सामना करना पड़ता है. सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जुनून, धैर्य और लगन जरूरी है.  

(P. C. - Shutterstock) 


सोचिए एक गरीब परिवार में जन्मे युवा किन-किन कठिनाइयों से गुजरता होगा. गरीबी में पैदा होना किसी की गलती नहीं है. गरीबी में पैदा हुए युवाओं को शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए. शिक्षा ही वो सबसे बड़ा हथियार है. जिससे गरीबी रेखा को लांघकर समाज कल्याण का काम कर सकते है. परिवार को ऊपर उठा सकते है. दुनिया के सबसे बड़े अमीरों में शुमार बिल गेट्स का यह वक्तव्य किसी प्रेरणा से कम नहीं है. बिल गेट्स कहते है कि  '' अगर गरीब पैदा हुए तो आपकी गलती नहीं, लेकिन गरीब मरते हो तो आपकी गलती है''

भारत में करीब 32 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे है. इसको कम करना उन सभी युवाओं की जिम्मेदारी है जो गरीब घरों में पैदा हुए है. अगर आप गरीब घर में पैदा हुए हो तो आपको गर्व होना चाहिए. क्योंकि आप देश में उत्थान की भागीदारी निभाओंगे. गरीबी को कम करने में आपका भी योगदान होगा, अगर आप हौसलों से कुछ बड़ा करते हो तो. आपकी कामयाबी को देखकर औरों को भी गरीबी के दलदल से निकलने की हिम्मत बँधेगी।

हकीकत में देखा जाए तो गरीब घर में पैदा हुए युवा के पास गरीबी अलावा कुछ होता भी नहीं है. कठिन परिस्थितियों में जीना आदत बन जाती है. उनके लिए कोई भी चुनौति बड़ी नहीं होती है. चुनौतियों से लड़ना उनका रोज का काम होता है. यही से उनके गरीब से अमीर बनने की कहानी शुरू हो जाती है. शिक्षा ही अमीरी की नींव बनाती है. झुग्गी झोपड़ियों में पले-बढ़े युवा भी रेलवे स्टेशन की रोशनी में पढ़कर सफलता से गरीबी के अंधेरे में प्रकाश पुंज बन सकते हैं, तो फिर आप क्यों नहीं ?

 खुद पर यकीन करना होगा। अपने आत्मबल को बढ़ाना होगा। गरीबी की सोच से उपर उठकर सोचना होगा।  अगर  आप अभी शुरुआत करने जा रहे हो तो खुद के लिए बड़ा सोचना कठिन होगा। क्योंकि आप की आदत में ही हमेशा गरीब की लक्ष्मण रेखा के अंदर सोचने की हैं। अपने अवचेतन दिमाग में अभी से संदेश भेजना शुरू कर दीजिये कि इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं हैं। बशर्ते आपको उस दिशा में लगन के साथ मेहनत करनी होगी, जो आप पाना चाहते हैं।  

धरती पर सब एक जैसे ही पैदा होते हैं। फर्क बस सोच का होता हैं। हां, हो सकता हैं कोई संपन्न घर में पैदा हो। लेकिन  प्रतिभा किसी बाहरी चीजों पर निर्भर नहीं रहती हैं।  क्योंकि गलत सोच और सगंति से अमीर बाप का बेटा या बेटी भी कंगाल होकर संपति गंवाकर सड़क पर आ जाते हैं।  भगवान दिमाग भी सबको बराबर देता हैं। निर्भर हमारे ऊपर करता हैं कि हम किस काम के लिए उपयोग करते हैं। यह काम जिंदगी को सँवारने का भी हो सकता हैं और जिंदगी को सामान्य या गरीबी के स्तर पर ही जीने का हो सकता हैं। कहने का तात्पर्य यह हैं कि आप चाहते हो तो गरीबी से निकल सकते हो। कोई असंभव नहीं हैं। 

एक कहानी आपके साथ जरूर साझा करना चाहूंगा। एक गरीब बालक चलकर साधु के पास जाता हैं और अमीर बनने का रास्ता पूछता हैं। साधु उसे तालाब के किनारे ले जाता हैं। बालक के बाल पकड़कर तालाब में डूबो देता हैं और ऊपर से बाल पकड़कर रखते हैं। वहीं बालक सांस लेने में तकलीफ होने पर बाहर आने के लिए जोर लगाता हैं। आखिकार बालक इतना जोर लगाता हैं कि साधु के हाथ के दवाब को खत्म कर बाहर आ ही जाता हैं। बालक इस घटना का कारण पूछता हैं। साधु कहता हैं कि जिस वक्त तुम पानी में थे, सांस लेने की जो चाहत थी। यही चाहत अमीर बनने के लिए तुम्हारे अंदर जिस दिन आ जायेगी। उस दिन से तुम्हारे अमीर बनने का काम शुरू हो जायेगा। 

यानी चाहत ही सबसे बड़ी चीज हैं। चाहे कोई भी काम हो।   अगर आपको अंदर उस बालक के लेवल की चाहत आपकी सफलता के लिए हैं तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। आपके जीवन का हर काम सपने को पूरा करने के लिए समर्पित होगा।

आनंद कुमार के सुपर 30 से पढ़कर निकलने वाले युवा शिक्षा से गरीब से अमीर बनने की एक बानगी हैं। क्योंकि गरीब के पास एक शिक्षा ही जरिया हैं, जिससे वो अपना भविष्य बदल सकता हैं। 

भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC के अंतिम परिणाम में किसी गरीब के सफल होने पर उन युवाओं के मन नई ऊर्जा संचार होता हैं, जो शिक्षा के दम पर अपने परिवार के जीवन स्तर को ऊपर उठाना चाहते हैं।  क्योंकि गरीब के पास शिक्षा के अलावा और रास्ता भी नहीं होता हैं।  बात सिर्फ UPSC की ही नहीं, और भी कई अच्छी सरकारी नौकरियां हैं, जिसे आप शिक्षा प्राप्त कर प्रतिभा के दम पर हासिल कर सकते हैं। जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। 

किसी ने कहा है- मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही, गुमराह तो वो लोग है जो घर से निकले ही नहीं.... यानी आप यह मत सोचिये कि आप गरीब घर में पैदा हुए तो परिस्थितियां नहीं बदल सकते। बस आपको नई शुरुआत करनी होगी। क्योंकि आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं हैं। दुखी तो आप वैसे भी गरीबी में रहोगे हालातों से लड़ते हुए। इससे अच्छा हैं कि आप सफलता के लिए जूझीये, लड़िये, बाधाओं और बार-बार आने वाली असफलताओं का मुकाबला कीजिये। किताबों से प्यार कीजिये। अपना ज्ञान बढ़ाइए। और अच्छी जॉब हासिल कर जिंदगी ही बदल डालिए। 

सबसे अच्छी बात यह हैं गरीब युवाओं को आगे बढ़ने के लिए किसी मोटीवेशन की जरूरत नहीं होती हैं। उनके हालात उन्हे खुद आगे बढ़ने के फोर्स करते हैं। यही से पैदा होती जिंदगी बदलने वाली कामयाबी का स्वाद चखने की सबसे बड़ी चाहत। 

- अणदाराम बिश्नोई

टिप्पणियाँ

  1. इतनी सुंदरता से आपने आर्टीकल के हर शब्द को लिखा है कि मैं निशब्द हूं

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    1. इस आलेख को पढ़कर फीडबैक देने के लिए आपका शुक्रिया।

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