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#LetIndiaShine : कैटरीना जैसी गर्लफ्रैंड, रणबीर जैसा बॉयफ्रैंड चाहिए तो करे यह काम ?

स्वच्छ भारत अभियान की बातें तो हर कोई करता है , तो क्या हर कोई इसका कदर करता हैं? वाकई देश से गंदगी दुर हो रही हैं? Let Shine India कैम्पेन कुछ इस तरह का ही हैं, आइये जाने और कुछ सीखे !!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियो को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिये महात्मा गांधी की जयन्ती के अवसर पर सन् 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की थी। उसके बाद हमने देखा कि देश में एक जागरूकता की लहर फैली थी, कईयो ने सड़क साफ की तो कईयो ने बाहर सड़क पर खुले में कचरा न फेंकने की शपश ली। परन्तु समय के साथ यह धीरे-धीरे यह सफाई की पकड़-धकड़म ठंडे बस्ते में चली गई । 

इसलिए अब कई NGO और संगठन इन्हे वापस जीवित करने के लिये प्रयासरत हैं। उनमें में एक कैम्पैन हैं - Let India Shine
इस कैम्पेन की शुरूआत किसी बड़े व्यक्ति ने नहीं की हैं , बल्कि हम जैसे ही एक आम इंसान ने की हैं। इस कैम्पैन के संस्थापक वेद प्रकाश हैं।

क्या है Let India Shine
वैसे देखा जाये यह एक आम इंसान का देश-प्रेम हैं, जो हम सब में होना चाहिए। वेद प्रकाश कहते है , " मोदीजी का काम देश के स्वच्छ रखने के अभियान शुरू करने था बल्कि देश को स्वच्छ रखने जिम्मेदारी हमारी ही हैं। जिसे हम भूल चूके हैं। बस इसको याद दिलाने के लिए मै यह सब कर रहा हुँ।" 
उनका यह भी मानना है कि आज के समय में कुछ अलग हट किये बिना जागरूकता फैलाना कठिन काम हैं। तभी तो लोग स्वच्छ भारत अभियान के बड़े पैमाने पर चलने के बावजूद गंदगी करते नहीं झिझकते हैं। इसलिए प्रकाश ने एक अनुठा तरीका अपनाया हैं। इस कैम्पेन में वो अपने ऑफिस की छुट्टी के दिन हर सप्ताह मेट्रो स्टेशन के आस-पास, जहां पब्लिक मुवमेंट ज्यादा हो, वहां हाथ मे तख्ती लेकर अपनी टीम के साथ खड़े हो जाते हैं। उस तख्ती पर कई मजेदार स्लोगन लिखे होते हैं।
जैसे कुछ इस प्रकार है :
 'गर्लफ्रैन्ड/बॉयफ्रैन्ड चाहिए तो देश के गन्दा मत होने दिजिए' 
'चिक-चिक करने वाली बीवी की कसम मै देश को गन्दा नही होने दुँगा'
वाकई इसमें लोग दिलचस्पी ले रहे हैं, और प्रण करके जाते है कि मै देश को गन्दा नहीं होने दुँगा।

कैसे आया यह ढांसू आइडिया ?
इस पुरे कैम्पैन की देन प्रकाश की खुद की गर्लफ्रैंड ही हैं। इसके पीछे की कहानी बड़ी रोमांचक व प्रेरणादायक हैं।
करीब शाम का वक्त था। ठंडी हवा दोनो के पास से सरसराती गुजर रही थी। वह अपनी प्रेमिका के साथ मुंबई के बांद्रा ब्रिज पर बैठकर एक-दुजे से बतिया रहे थे। जो कि देश का हर प्रेमी-जोड़ा करता हैं। इसमें कोई नई बात नहीं थी। इतने में उसका ध्यान आस-पास पड़ी गंदगी व कचरा पड़ा। दु:खी मन से लेकिन एक राष्ट्र प्रेम की भावना से ओत-प्रोत होकर प्रकाश से कहा, "देखो ! लोग कितने नि:संकोची हो गये, प्रधानमंत्री जी के द्वारा इतना कुछ करने बावजूद भी साफ-सफाई की फ़िक्र नहीं और सार्वजनिक स्थानो पर कचरा यूँ ही फेंक देते हैं। प्रकाश क्यों ना! हम कुछ इस संबंध में कुछ करे "
परन्तु यह बात नई थी। क्योकि अमुमन देश हित के लिए विरले ही प्रेमी जोड़े बात करते हैं।
फिर प्रकाश ने उन्हे वादा किया कि वो कुछ जरूर करेगे इस पर। उसी दिन देर शाम को एक पोस्टर  प्रिन्ट करवाया कर उसे सरप्राइज दिया । पहले पोस्टर का स्लोगन " अपनी गर्लफ्रैंड की कसम, देश की सफाई में योगदान करे।" था।
इसके बाद बाहर पब्लिक पैलेस पर दोस्तो के साथ पोस्टर लेकर खड़े रहने लगे। फिर यह सिल सिला चल पड़ा। लोगो का साथ मिलने लगा, हर कोई यह देखकर देश की सफाई को लेकर अपने आप को जागरूक करने लगा।

हम भी सीखे
अब प्रकाश मुबंई से दिल्ली आने के बाद ,सप्ताह में दो दिन सार्वजिनक जगहो पर अपनी टीम के साथ खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर कचरा  उठाते भी हैं। 
Let shine India
वेद प्रकाश अपनी टीम के साथ सफाई करते हुवें
हमे भी इस देश की सफाई के बारें में सोचना चाहिए और खुद अब से प्रण करे कि सार्वजनिक जगह पर कचरे को डस्टबीन में ही फेकेगे। लोगो को भी जागरूक करेगे। अगर आप भी  इस मुहिम में शामिल होना चाहते हो तो नीचे सम्पर्क सुत्र हैं। 

कौन हैं वेद प्रकाश 
दिल्ली का दिल कनॉट प्लेस पर वेद प्रकाश कैम्पेनीग करते हुवें
वेद प्रकाश Let India Shine कैम्पेन के संस्थापक हैं। जिसकी शुरूआत आज से करीब 2 साल पहले मुंबई से की थी। वर्तमान में लीला पैलेस होटल में जॉब करते हैं और दिल्ली में रहते हैं। 
✍ अणदाराम  बिश्नोई
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