सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आज की बड़ी खबरें : 14 सितम्बर 2018

आज की बड़ी खबरें,राजस्थान सहित देश-विदेश की बड़ी खबरें जाने शॉर्ट में - latest news  in Hindi

DelhiTV Latest news in Hindi, Aaj Ki Khabar, rajasthan latest news
देश- 

एक निजी न्यूज चैंनल में बोले योगगुरू रामदेव, कहा- मोदी की नौकरियां बीजेपी से पूछो | पंतजली ने 20 हजार युवाओं को पिछले 2 माह में दिया रोजगार - रामदेव

एशिया कप : भारत क पहला मैंच 18 सितम्बर को हांगकांग से | कल धोनी-रोहित सहित 10 खिलाड़ी पहुंचे दुबई | दुसरा मैंच भारत का पाकिस्तान के साथ

नई दिल्ली : डुसू चुनाव में ABVP ने मारी बाजी, अध्यक्ष सहित 3 पदों पर किया कब्जा | NSUI को सिर्फ सचिव पद से ही करना पड़ा संतोष

माल्या-जेटली मुलाकात विवाद : कांग्रेस ने मोदी सरकार पर फिर साधा निशाना | सुरजेवाला ने कहा- मोदी सरकार फ्लीस,फ्लाई और सेटल अब्रॉड की नीति पर ट्रैंवल एंजेसी चला रही हैं

बिहार : नितिश सरकार का फैसला, मॉब लिंचिग मामले का निपटारा होगा 6 माह में | घटना में मारे गये व्यक्ति के परिवार को मिलेगा 3 लाख रूपए

DUSU चुनाव : NSUI ने लगाया इवीएम गड़बड़ी का आरोप, कहा- हम अध्यक्ष सहित चारो सीटें जीत रहें थे | गौरतलब है,  इवीएम मशीन में खराबी आने के बाद ABVP रूझानों में आगे जाने लगी

विदेश-

इस्लामाबाद: भारत और अमेरिका के बीच हुई टू प्लस टू बैंठक से बौखलाया पाकिस्तान | कहा- दो देशों की वार्ता में तीसरें देश का जिक्र क्यों ?

यूएन की रिपोर्ट : भारत में बदले की भावनाओं से मानवाधिकारी कार्यकर्ताओं की होता हैं गिरफ्तारी

1930 के बाद दुनिया की सबसे बड़ी महामंदी को 10 साल पुरे हुए | 2008 में आई थी महांमदी, भारत सहित कई देशों ने सीखे सबक 

घाना : संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोकी अन्नान का दो दिन बाद अंतिम संस्कार | राजधनी में दो दिन तक दर्शन के लिए रखा गया था शव, जूटे दुनिया के कई दिग्गज नेता

समुन्द्र बना प्लास्टिक कचरें का घर, जलीय जीवों पर मडरा रहा खतरा | प्रशान्त महासागर में छेड़ा गया कचरा इकट्ठा करने का अभियान

म्यांमार: देश के दो पत्रकारों की गिफ्तारी को 'आंग सू ची' ने सही ठहराया, कहा- तहकीकात करने नहीं, खुफिया कानून तोड़ने पर हुई थी गिरफ्तारी | पत्रकार रोंहिग्या मुस्लमानों पर कर रहे थे रिपोर्टीग

राजस्थान-

जयपुर : बस में ड्राइवर ने महिला को सरेआम पीटा, वीडियो हुआ वायरल | छोड़ाने के बजाय तमाशबीन बनी बस की सवारियां | कंपनी ने ड्राइवर को नौकरी से निकाला

उदयपुर : 20 सितम्बर से राहुल गांधी करेगे 'महिला अधिकार यात्रा', 5 दिन 5 जिला पहुंचेगी यात्रा | साथ ही  सकल्प यात्रा में शामिल होगे राहुल गांधी

↔↔↔↔↔↔
🆓 आप अपना ई- मेल डालकर हमे free. में subscribe कर ले।ताकी आपके नई पोस्ट की सुचना मिल सके सबसे पहले।
⬇⏬subscribe करने के लिए इस पेज पर आगे बढ़ते हुये ( scrolling) website के अन्त में जाकर Follow by Email लिखा हुआ आयेगा । उसके नीचे खाली जगह पर क्लिक कर ई-मेल डाल के submit पर क्लिक करें।⬇⏬
फिर एक feedburn नाम का पेज खुलेगा।  वहां कैप्चा दिया हुआ होगा उसे देखकर नीचे खाली जगह पर क्लिक कर उसे ही लिखना है। फिर पास में ही " ♿complate request to subscription" लिखे पर क्लिक करना है।
उसके बाद आपको एक ई मेल मिलेगा। जिसके ध्यान से पढकर पहले दिये हुये लिंक पर क्लिक करना है।

फिर आपका 🆓 मे subscription.  पुर्ण हो जायेगा।

आपको यह पोस्ट कैसा लगा, कमेन्ट बॉक्स मे टिप्पणी जरूर कीजिए।।साथ ही अपने दोस्तो के साथ पोस्ट को शेयर करना मत भूले। शेयर करने का सबसे आसान तरीका-
☑ सबसे पहले उपर साइट मे "ब्राउजर के तीन डॉट पर " पर क्लिक करें करें।
☑ फिर  "साझा करे या share करें पर " लिखा हुआ आयेगा। उस पर क्लिक कर लिंक कॉपी कर ले।
☑ फिर फेसबुक पर पोस्ट लिखे आप्शन में जाकर लिंक पेस्ट कर दे।इसी तरह से whatsapp. पर कर दे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रणथंभौर से उठी जागरूकता की आवाज: सर्वाइकल कैंसर को हराने के लिए एकजुट हुए विशेषज्ञ और पत्रकार

अक्सर कहा जाता है कि जानकारी ही बचाव है, और जब बात महिलाओं के स्वास्थ्य की हो, तो सही जानकारी जीवनरक्षक साबित हो सकती है।  इसी उद्देश्य के साथ, 26 और 27 नवंबर को सवाई माधोपुर के रणथंभौर में यूनिसेफ (UNICEF) और फ्यूचर सोसाइटी ग्रुप ने एक दो-दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया।  इस महामंथन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, वरिष्ठ पत्रकारों और शिक्षाविदों ने एक सुर में कहा— "सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) लाइलाज नहीं है, बस हमें समय रहते जागना होगा ।" कार्यशाला की शुरुआत में डॉ. मनीषा चावला ने जो आंकड़े रखे, वे चौंकाने वाले हैं। भारत में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। दुनिया भर में इस बीमारी से होने वाली कुल मौतों में से लगभग एक-तिहाई अकेले भारत में होती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण जानकारी का अभाव और शर्म है, जिसके चलते महिलाएं डॉक्टर के पास तब पहुंचती हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है। भारत में सर्वाइकल कैंसर की वजह से हर दिन लगभग 200 महिलाएं इस दुनिया को छोड़कर चली जाती है। यानी हमारे देश में हर 8 मिनट में एक महिला इस रोग के कार...

आधुनिकता की दौड़ में पीछे छूटते संस्कार

किसी भी देश के लिए मानव संसाधन सबसे अमूल्य हैं। लोगों से समाज बना हैं, और समाज से देश। लोगों की गतिविधियों का असर समाज और देश के विकास पर पड़ता हैं। इसलिए मानव के शरीरिक, मानसिक क्षमताओं के साथ ही संस्कारों का होना अहम हैं। संस्कारों से मानव अप्रत्यक्ष तौर पर अनुशासन के साथ कर्तव्य और नैतिकता को भी सीखता हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह हैं कि स्कूल और कॉलेजों में ये चीजें पाठ्यक्रम के रूप में शामिल ही नहीं हैं। ऊपर से भाग दौड़ भरी जिंदगी में अभिभावकों के पास भी इतना समय नहीं हैं कि वो बच्चों के साथ वक्त बिता सके। नतीजन, बच्चों में संस्कार की जगह, कई और जानकारियां ले रही हैं। नैतिक मूल्यों को जान ही नहीं पा रहे हैं।  संसार आधुनिकता की दौड़ में फिर से आदिमानव युग की तरफ बढ़ रहा हैं। क्योंकि आदिमानव भी सिर्फ भोगी थे। आज का समाज भी भोगवाद की तरफ अग्रसर हो रहा हैं। पिछले दस सालों की स्थिति का वर्तमान से तुलना करे तो सामाजिक बदलाव साफ तौर पर नज़र आयेगा। बदलाव कोई बुरी बात नहीं हैं। बदलाव के साथ संस्कारों का पीछे छुटना घातक हैं।  राजस्थान के एक जिले से आई खबर इसी घातकता को बताती हैं। आधुनि...

डिग्री के दिन लदे, अब तो स्किल्स दिखाओं और जॉब पाओ

  भारत में बेरोजगारी के सबसे बड़े कारणों में प्रमुख कारण कार्य क्षेत्र के मुताबिक युवाओं में स्किल्स का भी नहीं होना है। साफ है कि कौशल को बढ़ाने के लिए खुद युवाओं को आगे आना होगा। क्योंकि इसका कोई टॉनिक नहीं है, जिसकी खुराक लेने पर कार्य कुशलता बढ़ जाए। स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद युवाओं को लगता है कि कॉलेज के बाद सीधे हाथ में जॉब होगी। ऐसे भ्रम में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा हर दूसरा स्टूडेंट रहता है। आंखें तब खुलती है, जब कॉलेज की पढ़ाई खत्म होने के बाद बेरोजगारों की भीड़ में वो स्वत :  शामिल हो जाते है। क्योंकि बिना स्किल्स के कॉर्पोरेट जगत में कोई इंटरव्यू तक के लिए नहीं बुलाता है, जॉब ऑफर करना तो बहुत दूर की बात है। इंडियन एजुकेशन सिस्टम की सबसे बड़ी कमी- सिर्फ पुरानी प्रणाली से खिसा-पीटा पढ़ाया जाता है। प्रेक्टिकल पर फोकस बिल्कुल भी नहीं या फिर ना के बराबर होता है। और जिस तरीके से अभ्यास कराया जाता है, उसमें स्टूडेंट्स की दिलचस्पी भी उतनी नहीं होती। नतीजन, कोर्स का अध्ययन के मायनें सिर्फ कागजी डिग्री लेने के तक ही सीमित रह जाते है।   बेरोजगारों की भी...