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अमेरिका चुनाव : ट्रंप को झूठ बोलने की 'बीमारी' हैं ?

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव सिर पर हैं। डोनाल्ड ट्रंप फिर से ताल ठोक रहे हैं। तो वहीं जो बाइडेन कड़ी टक्कर देने का दावा करते नजर आ रहे हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति पर झूठ बोलने के आरोप लगते रहे हैं। कई दफा यह आरोप सच साबित हुए। और कई बार सिर्फ आरोप ही रहे। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में अवरेज हर दिन 25 बार झूठ बोले। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि  ट्रंप साहब इतने झूठ क्यों बोलते हैं ? 

हाल ही में ट्रंप ने अमेरिकियों से वादा किया है Corona वैक्सीन जल्द ही बन कर आने वाली हैं। ट्रंप के इस बयान की अमेरिका में आलोचना हो रही है। लोगों का कहना हैं कि ट्रंप फिर से झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं।

क्योंकि अमेरिका में अभी जो भी वैक्सीन को लेकर ट्रायल चल रहा है। उसे देखकर नहीं लगता कि जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। 

अमेरिका में विपक्ष ने ट्रंप को इस बयान पर जमकर निशाने पर लिया। खासकर सोशल मीडिया पर लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया। आरोप हैं कि ट्रंप चुनावी फायदे के लिए अब जमकर झूठ बोल रहे हैं। वहीं कई अमेरिकी फैक्ट चेक संस्थाओं ने इसका खुलासा किया है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ट्रंप के इतने झूठ बोलने के कारण अमेरिका में बड़े पैमाने पर फैक्ट चेक इंडस्ट्री खड़ी हो गई। कई सारी मीडिया संस्थाओं का धंधा ही ट्रंप के झूठ को पर्दाफाश करने के आधार पर चलता है। 

वैसे कहा जाता है कि ट्रंप अजीब किस्म के इंसान हैं। उनके बयान हमेशा सुर्खियों में इसी कारण रहते हैं। अजीबो गरीब बयान के लिए ट्रंप ट्रोल होते रहते हैं। लेकिन लगता है ट्रंप को कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई सम्मेलन हो या फिर कहीं मुलाकात का दौरा। ट्रंप की बयान के अलावा व्यावहारिक तौर पर भी अजीब हरकते कई दफा देखने को मिलती रही हैं। 

ट्रंप का व्यक्तित्व अजीब हैं, यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। भारत के जाने माने टीवी पत्रकार रजत शर्मा मानते हैं कि ट्रंप उन्हें एक बड़े दिलचस्प किरदार वाले शख्स लगते हैं। उनकी इच्छा है कि एक बार ट्रंप आप की अदालत में आए। यह बात रजत शर्मा ने आरजे रौनक के साथ एक इंटरव्यू में कही।

बात यह कि ट्रंप आखिर झूठ क्यों बोलते हैं। क्या ट्रंप इसलिए झूठ बोलते कि लोगों को गुमराह किया जाए। या फिर भाषण में गलती हो जाती। अगर ऐसा हैं तो हर रोज बयान में गलती होने का मतलब क्या हुआ? यही की आदमी का मानसिक की स्थिति ऐसी ही हैं, जो आया बोल दिया। जैसे बच्चे बातों को इधर उधर करके बोलते हैं। 

यह तो कोई महान मोनोचित्सक और रिसर्चर ही बता सकता है या फिर व्हाइट हाउस का ही शख्स खुलासा कर सकता है की ट्रंप आखिर रोज उलट सुलट बयान बाजी क्यों करते हैं। लेकिन इतना साफ तौर पर जाहिर हो रहा है कि ट्रंप की बयान बाजी वाकई में खतरनाक हैं। यह किसी बीमारी से कम नहीं प्रतीत हो रही है। 

✍️ अणदाराम बिश्नोई

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