2021 में कब आएगी कोरोना वैक्सीन ?

 कोरोना की लहर धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर तेज हो गई है.  अब सबकी नजर कोरोना वैक्सीन पर टिकी है. सबको इंतजार है, आखिर वैक्सीन कब आएगी. पूरी दुनिया में अब तक 190 से ज्यादा मेडिकल कंपनियां वैक्सीन बनाने के लिए ट्रायल कर रही है. वहीं भारत में 7 कंपनियों के वैक्सीन ट्रायल पर नजरे टिकी है. उम्मीद है, जून 2021 तक भारत में वैक्सीन बन जाएगी. यह उम्मीद भारत में ट्रायल कर रही कंपनी भारत बायोटेक से बंधी है. भारत बायोटेक की को-वैक्सीन का तीसरा ट्रायल जारी है. इसके साथ ही दूसरी उम्मीद ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के ट्रायल पर है, जो भारत में जनवरी तक पूरा हो जाएगा.


किसे मिलेगी सबसे पहले वैक्सीन ?

पीएम मोदी ने कहा है कि वैैक्सीन आने पर हर देशवासी तक पहुंचाई जाएगी. 2011 की जनगणना के मुताबिक देश की जनसंख्या करीब 1 अरब 21 करोड़ है.  सिंतबर 2021 में देश की 30 करोड़ आबादी को वैक्सीन मिलने की उम्मीद है. लेकिन सरकार पहले वैक्सीन कोरोना फ्रंट फाइटर को मुहैया कराएगी. जिसमें डॉक्टर्स, नर्स और अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी शामिल है.  इसके अलावा 2 करोड़ पुलिस और सेना के कर्मचारियों को दी जाएगी. तीसरी प्राथमिकता में 50 करोड़ वो लोग होंगे, जिसकी उम्र 50 साल से ज्यादा है. चौथी प्राथमिकता में वो लोग होंगे, जिन्हे गंभीर बीमारियां जैस- हाई ब्लडप्रेशर,  डाय़बिटीज, कैंसर है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने 500 अरब रूपए की वैक्सीन वितरण के लिए व्यवस्था की है. यानी हर नागरिक पर करीब 500 रूपए का खर्च आएग.. हालांकि वैक्सीन निर्माताओं को यह रकम बहुत कम नजर आ रही है.

कैसे होगा कोरोना वैक्सीन का वितरण

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन का वितरण एक चरणबद्ध तरीक से करेगी. वैक्सीन सबसे पहले देश के 7 डिपो में पहुंचाई जाएगी. यह सात डिपो- मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, कलकत्ता, करनाल, हैदराबाद और गुहावटी है. यानी देश में बनने वाली वैक्सीन और बाहर से आने वाली वैक्सीन को इन डिपो में भंडारित किया जाएगा. 

डिपो के बाद वैक्सीन को हर राज्य में पहुंचाया जाएगा. हर राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में, जहां कोरोना वैक्सीन को भंडारित करने की अच्छी सुविधा हो, उसमें राज्य का वैक्सीन का बड़ा केंद्र बनाए जाएगा. यानी इस केंद्र से राज्य के जिलों में वैक्सीन का वितरण होगा. 

राज्य वैक्सीन केंद्र से वैक्सीन को जिला वैक्सीन केंद्र में भेजा जाएगा. जहां से वैक्सीन को ब्लॉक और तहसील स्तर पर ट्रांसफर किया जाएगा. फिर इन वैक्सीन को बांटा जाएगा. 

खास बात यह है कि वैक्सीन केंद्र पर आने से पहले आपको अपॉइंटमेंट लेना होगा. भारत सरकार ने Covin नाम का एप बनाया है. एप के जरिए वैक्सीन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन स्वीकार होने पर वैक्सीन केंद्र पर आने का समय दिया जाएगा.

संभावना है कि सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन का वितरण केंद्र बनाया जाएगा. जहां पर वैक्सीन लगाने के लिए लोग आ सकेंगे. दूसरा प्लान यह भी हो सकता है कि वैक्सीन को घर-घर जाकर बांटा जाए. जैसे पोलियो की वैक्सीन बांटी गई.

वहीं शुरूआत में बच्चों को कोरोना वैक्सीन नहीं दी जाएगी. माना जा रह है कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट भी होंगे. उन साइड इफेक्ट का अध्ययन कर फिर बच्चों को सबसे आखिरी चरण में दी जाएगी.

वैक्सीन भंडारण बड़ी चुनौती 

अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कोरोना वैक्सीन के भंडारण के लिए अनुकूल तापमान क्या है. वैसे यह तो तय है कि भंडारण के लिए बहुत ही कम तापमान की आवश्यकता होगी. बता दे कि पोलियो, खसरा, रूबेला जैसे गंभीर बीमारियों के टीके के भंडारण के लिए -50 से लेकर -15 डिग्री सेल्यसियस तापमान की जरूरत होती है. कोरोना वैक्सीन के भंडारण के तापमान का फिलहाल साफ तौर पता नहीं चल पाने के कारण भंडारण करने की तैयारियों में कई चुनौतियां है. जिसका असर वैक्सीन वितरण पर भी पड़ेगा. यानी वैक्सीन वितरण में यह समस्या देरी करा सकती है.

फिलहाल कोरोना वैक्सीन को लेकर उम्मीद यही है कि जून 2021 तक तैयार हो जाएगी. और इसका वितरण शुरू किया जाएगा. कहते है उम्मीद ही जीवन है. अब यही उम्मीद कोरोना काल की संजीवनी पर टीकी है.

✍️ अणदाराम बिश्नोई

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