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Delhi TV पत्रकारिता की नई उड़ान,सावधान हो जाए कानून विरोधी

आज देश की पत्रकारिता बिमारी सी हो गई है। लगता है उसे ठीक करना जरूरी है। क्योकी यह देश के लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ जो है। सही मायने में देखा जाये तो अखबार व टेलिविजन खुद कुपोषण के शिकार हो रहै। बिना पोषण के तो कोई कब तक मौत व जीवन के बीच जूझता रहेगा। एक दिन तो अन्त हो जायेगा  यदि लगातार कुपोषण से जुझते रहे तो। यहां तक तो ठीक है की बिना पोषण के तो पत्रकारिता आज की इस मंहगाई व दिखावेपन के दौर में करना नामुमकिन है। पहले जैसे आज वो सारे एक जैसे पत्रकार नही रहे ,जो....अपनी जान भी गवाने को तैयार रहते थे।
                  लेकिन कुछ अभी भी,  हमारी (Delhi TV) तरह देश व कानुन विरोधी गतिविधियो को देखकर सीने मे धंधकती क्रांतिकारी आग के कारण रोक नहीं पाते है। सीधे भ्रष्ट्राचारीयो की पोल खोल देते है। दु:ख बात यह है की एसी पत्रकारिता विरले ही बची है। क्योकी उन्हे पोषण जो चाहिए।

लेकिन मैने पहले लिखा है की बिना पोषण के अखबार व टीवी जीवित कैसे रहेगा। यह पोषण सही दिशा से आना चाहिए जैसे एड, चन्दा, ईत्यादि।

लेकिन हम आप से वादा करते है की ईमानदारी से अपनी जान हथेली पर लेकर पत्रकारिता करते रहेगे। यह हमारी पोस्ट है इस चैनल साईट। हमारा युट्युब चैनल भी Delhi TV है।
अब हमें आपकी जरूरत है - बस आप सदस्यता लीये बिना मत जाना और जी हां साथ में दोस्तो के साथ शेयर भी कर दीजिएगा।
तो आईये हम सब मिलकर भ्रष्ट्राचारियो का पर्दाफाश करते है। और देश को नई उड़ान देते है।
ईसी आशा के साथ मै अणदाराम बिश्नोई ( फाउन्डर Delhi TV & Journalism Student )

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