पोस्ट

जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

#दानवों_को_फांसी_हो: हैवानियत दानवों जैसी, तो फिर मानवाधिकार क्यों?

चित्र
यह भारत देश हैं. जहां दानव भी मानव के रूप में रहते हैं. हां ! सोच क्या रहे हो. बिल्कुल सही पढ़ा हैं आपने. लेकिन डरिए मत. और अगर आप भी भारतीय हैं तो सिर को शर्म से मत झुकाइएं. बस इस लेख को पढ़ते जाइएं... क्योंकि हैवानियत की इतनी हदें पार हो चुकी है इस देश में... कि शर्म खुद सिर झुका रही हैं. उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में आपसी रंजिस में मासूम के साथ दुष्कर्म-हत्या का मामला, इस देश का सिर्फ इकलौता और पहला नहीं हैं. इस से पहले भी कई मामले सामने आए. लेकिन हुआ क्या ? बस वहीं तुच्छ राजनीति और लीपापोती. सवाल यह नहीं हैं कि दोषियों को सबक मिला या नहीं ?   सवाल है, दोषियों की सजा से क्या सबक मिला उन्हे. जो दानव बाहर मानव का मुखौटा लिए घूम रहे हैं. और एक नये अपराधी के रूप में सामने आते हैं. यह तभी संभव होगा, जब सजा भी दानवों जैसी हो. और क्या ? यह कहावत आपने जरूर सुनी होगी कि लोहा, लोहा को काटता हैं. यह कहावत यहां पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं. 10 हजार की रकम मासूम ट्विंकल के पिता नहीं चुका पाए, तो उसमें मासूम का क्या दोष ? 370 मे से 13 वर्षों में सिर्फ 4 को फांसी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स

अब भी नहीं जागें, तो यह गर्मी मार डालेगी !

चित्र
देशभर में तापमान बढ़ता जा रहा हैं. गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल हैं. हाल ही दिनों की बात करे तो राजस्थान का चूरू शहर देश के सबसे गर्म शहरों में शिखर पर हैं. देश के 145 शहरों का तापमान 50 डिग्री के पार पहुंच गया. गर्मी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं. गर्मी के साथ दूसरी समस्या पेयजल की किल्लत भी हैं. बात करे महाराष्ट्र के मराठावाड़ा की तो कई बांध सूख चूके हैं. लोगों को नहाना-धोना तो दूर, पीने तक का पानी भी नसीब नहीं हो रहा हैं. अब सबसे बड़ा सवाल, आखिर इन समस्याओं का समाधान कैसा मिलेगा ? क्यों हर साल कई लोगों को पानी की किल्लत और गर्मी से जान से गवानी पड़ती हैं. आखिर इनका पुख्ता समाधान कब और कैसे निकलेगा ? खैर, सवाल पूछना आसान हैं. लेकिन समाधान ढूंढना आसान कार्य नहीं होता हैं.   आपके मन में अभी सवाल होगा कि आखिर समाधान कैसे निकलेगा. देखो !   किसी भी समस्या के कारण को हटा देने से समाधान अपने आप निकल जाता हैं. तो बस पहले यह जान लिजिए कि गर्मी आखिर क्यों बढ़ रही हैं. क्यों बढ़ रही है यह गर्मी ऐसा नहीं हैं कि सिर्फ भारत में तापामान वृद्धी देखने को मिल रही हैं. कई मी