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जैसलमेर की यह ग्राम पंचायत हो गई एक अजीब बीमारी से ग्रस्त, लाख कोशिश पर भी नहीं मिल रहा ग्रामीणो को समाधान !

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"साफ नियत , सही विकास" यह प्रधानमंत्री जी ने अब चार साल पुरे होने पर नया नारा निकाला हैं।शायद इसलिये कि देश के गांवो का जमीनी स्तर पर काम  उन्हे मालुन न हो । भला उन्हे मालुम कैसे होगा? जब किसी गांवो के विकास की असलियत को दिखाने के लिये मीडिया तक मुँह फेर ले। ऐसी ही मुसीबत से  जैसलमेर का यह गांव कई अरसो जूझ रहा हैं।  पाकिस्तान सीमा-बॉर्डर से सटे मदासर गाँव की लगभग पिछले 35 साल से सत्ता एक ही परिवार के हाथ में है। विकास के नाम कागजो में काफी काम हुआ हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कुछेक की नाम मात्र की खानापूर्ति मिल जायेगी,तो कही पर पुरा काम ही गायब मिलेगा। संक्षेप में कहे तो जैसलमेर की इस ग्राम पंचायत के विकास को भ्रष्टाचार ,दीमक की तरह खा रहा हैं।  इन्दीरा गाँधी नहर के कारण ज्यादातर ग्रामीण खेती-बाड़ी का काम करते हैं। ग्रामीणो के अपने काम में मश्गुल रहने  तथा जागरूकता के अभाव के चलते भ्रष्टाचार की जड़े गहरी जमी हुई हैं।  जिन्हे कुछेक जागरूक लोगो के कवायद से फेंकना मुश्किल हो रहा हैं। प्रशासनिक अधिकारी से लेकर मीडिया वालो तक मदासर सरपंच का बोलबाला हैं। भला ! होगा क्यो नही

तस्वीर-ए-बयाँ: यहाँ 'न्याय आपके द्वार' शिविर बदल गया "खर्राटे आपके द्वार" में

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मदासर(पोकरण) में 15 जून को लगे राजस्व लोक अदालत 'न्याय आपके द्वार' शिविर में अधिकारियों का काम इस तस्वीर में बयाँ हो रहा है। यह स्पष्ट रूप से शिविर की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़ा कर रही हैं। तहसीलदार श्री भगाराम के पास बैठे गिरदावर श्री रामप्रताप खर्राटे भरते हुए।

तस्वीर-ए-बयाँ : इसे कहते है पत्रकारिता का जूनुन

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जोधपुर से ईटीवी राजस्थान ( अभी News18Rajasthan ) के पत्रकार अपने हाथ में फैक्चर होने पर भी आज से ठीक 1 साल पहले सलमान की सुनवाई की कवरेज देने कोर्ट पहुंच गये थे। इनका नाम शेखर व्यास हैं।

#LetIndiaShine : कैटरीना जैसी गर्लफ्रैंड, रणबीर जैसा बॉयफ्रैंड चाहिए तो करे यह काम ?

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स्वच्छ भारत अभियान की बातें तो हर कोई करता है , तो क्या हर कोई इसका कदर करता हैं? वाकई देश से गंदगी दुर हो रही हैं? Let Shine India कैम्पेन कुछ इस तरह का ही हैं, आइये जाने और कुछ सीखे !! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियो को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिये महात्मा गांधी की जयन्ती के अवसर पर सन् 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की थी। उसके बाद हमने देखा कि देश में एक जागरूकता की लहर फैली थी, कईयो ने सड़क साफ की तो कईयो ने बाहर सड़क पर खुले में कचरा न फेंकने की शपश ली। परन्तु समय के साथ यह धीरे-धीरे यह सफाई की पकड़-धकड़म ठंडे बस्ते में चली गई ।  इसलिए अब कई NGO और संगठन इन्हे वापस जीवित करने के लिये प्रयासरत हैं। उनमें में एक कैम्पैन हैं - Let India Shine इस कैम्पेन की शुरूआत किसी बड़े व्यक्ति ने नहीं की हैं , बल्कि हम जैसे ही एक आम इंसान ने की हैं। इस कैम्पैन के संस्थापक वेद प्रकाश हैं। क्या है Let India Shine वैसे देखा जाये यह एक आम इंसान का देश-प्रेम हैं, जो हम सब में होना चाहिए। वेद प्रकाश कहते है , " मोदीजी का काम देश के स्वच्छ रखने के अभियान शुरू

तस्वीर-ए-बयाँ : यह तस्वीर खुद चिल्ला - चिल्ला कर बोल रही हैं, हैंडीग की जरूरत नहीं

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